बसन्त अनुरागीको कविता :जोसंग


bas

 

सुत्न जो संग ओछ्यान छैन
उ आफुलाइ चाहिने जति जमीन ओगटेर सुत्न सक्छ…
ओढ्ने जो संग सिरक छैन
उ चाहिने जति आकाश अोढेर निदाउन सक्छ…
सुत्न जो संग रात छैन
थाहा छैन
उ कसरी सुत्न सक्छ र निदाउन सक्छ

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यसमा तपाइको मत

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